Hindi Lekhani
व्यंग्य

सावधान ! शिकारी मर्द शिकार पर है

क्या आप सबने कभी सुना है कि मर्दों की कई प्रजातियां होती है, वैसे होती तो औरतों की भी हैं लेकिन फ़िलहाल हम बात करेंगे मर्दों की प्रजातियों के बारे में |  अब आप कहेंगे ‘मर्द और औरत की क्या प्रजाति ? मर्द तो मर्द होता है और औरत औरत’…….. जी नहीं जनाब आप गलत है |

वैसे तो अनेक प्रजातियां होती हैं जैसे सीधे मर्द ,होशियार मर्द ,गुलाम मर्द (चाहे जोरू के हों या माँ के ) मरदाना मर्द ,जनाना मर्द और शिकारी मर्द |

शिकारी मर्द ? जी हां शिकारी मर्द, इन्हें सिर्फ महिलाएं ही पहचान सकती है, लेकिन इन्हें पहचानने के लिए मेरी बहनों का चौकन्ना रहना बहुत जरुरी है |

अब आप कहेंगे कि ये दिखते कैसे हैं ?

तो जनाब ये हर रूप, हर उम्र के होते हैं,कुछ दिखने में हीरो टाइप,तो कुछ साधारण होते हैं और कुछ तो बहुत नमूने टाइप दिखते है और होते भी हैं |

ये कहाँ पाए जाते हैं ?

हर क्षेत्र में इनका दखल होता है, कभी सरकारी दफ्तर में अफसर,कभी क्लर्क,कोई बड़ा नेता, किसी कम्पनी का मालिक या कोई कवि, ये किसी भी रूप में मिल सकते हैं | ये आपको बस में, ट्रेन में, हवाई अड्डे पर ऑफिस में कही भी मिल सकते हैं |

ये बड़े ही बातूनी किस्म के होते हैं और बातें तो इतनी मीठी करते हैं कि बेचारी जलेबी भी शरमा जाये | किसी भी समारोह में ये महिलाओं के इर्द गिर्द पाए जाते हैं |

ये बड़ी ही शिकारी प्रवृति के होते हैं | घर की मुर्गी तो घर में है ही, यदि किसी ताज़ी मुर्गी का शिकार हो जाये तो क्या कहने ! उसके लिए ये सतत प्रयत्नशील रहते हैं |

इनके पास अदृश्य जाल होता है जो मीठी मीठी बातों से बुना जाता है जैसे,……… आप तो बहुत सुन्दर दिख रही है ……….. अरे ! आप को देख कर तो लगता ही नहीं कि आपके बच्चे भी है , आपकी मुस्कान बहुत प्यारी है ,ये कलर आपको बहुत सूट कर रहा है या चलिए आपको घर छोड दूं, मुझे उस तरफ ही काम है इत्यादि

उस अदृश्य जाल में लालच का दाना डाला जाता है जैसे :- में आपको बड़ी हिरोइन बना सकता हूँ ……………, में आपको नौकरी दिलवा सकता हूँ ,…………. ,में आपको पुरुस्कार दिलवा सकता हूँ ……………….. ,(चाहे खुद को मिला हो या नहीं ) आपकी प्रमोशन करवा सकता हूँ इत्यादि |

कोई महिला यदि जरा सी चूकी या लालच में फंसी तो समझो ………..गयी मुर्गी जान से |

ये महिलाओं की मदद के लिए सदैव तत्पर रहते हैं, चाहे घर का कोई कार्य करे या नहीं | यदि किसी महिला ने जरा सा भाव दे दिया तो …………उसको कही भी लाने ले जाने से लेकर, उसके घर का सामान लाने तक बड़ी ही मुस्तैदी से जुटे रहेंगे | जब तक कि शिकार पूरी तरह फंस ना जाये |

जैसे शेर अपने शिकार के लिए घात लगाता है, उसी तरह ये हर समारोह में घात लगाये बैठे रहते है | इन्हें तो हर महिला “हिरन का छौना नजर आती है” जैसे ही कोई नया छौना दिखता है, इनकी लार टपकने लगती है और ये तुरंत हमला कर देते हैं | एक बात और शेर तो बेचारा बूढा होकर कमजोर हो जाता है, लेकिन उम्र बढने के साथ साथ ये और एक्टिव हो जाते हैं और शिकार की कला में पारंगत |  ये अपनी उम्र और ओहदे का फायदा उठाने में कभी नहीं चूकते,जैसे किसी पार्क में घूमने गए… तो सुन्दर कन्याओ को देखकर कहेंगे, “बेटा मुझे सांस लेने में तकलीफ हो रही है, मेरा घर पास ही है, जरा ले चलोगी” | मेरी  जान पहचान के एक बुजुर्ग, हर दिन किसी नई कन्या के कंधे पर हाथ रखकर घर आते और जाते वक्त उस कन्या को धन्यवाद के बहाने चूमना कभी नहीं भूलते थे | यदि किसी समारोह में ऐसे शिकारी मिल जायें, तो ज्यादा सावधान और चौकन्ना रहना पड़ता है क्योंकि इनके हाथ कंधे से कमर तक बड़ी आसानी से पहुँच जाते हैं |

शिकारी मर्दों की एक खासियत और होती है, जो इन्हें अन्य पुरुषों से भिन्न बनाती है वो ये कि ये समदर्शी होते हैं, इन्हे हर महिला खूबसूरत ही दिखती है, वो चाहे रूप रंग या कद काठी में कैसी भी हो, इनका तारीफ करने का तरीका एक जैसा ही रहता है | ये इतने पहुंचे हुए होते हैं कि ……….श्याम वर्ण की उपमा पूनम के चाँद से करने में भी नहीं शर्माते और ………………..यदि महिला सचमुच खूबसूरत हुई तो समझो लार टपक कर घुटनों तक पहुच जायेगी | फिर तो ये अपनी पूरी शक्ति लगा देंगे, उस महिला के बारे में जानने के लिए | अपने सारे हथकंडे अपनाएंगे कि वो शिकार जाल में फंस ही जाये और यदि  उस महिला का फोन नंबर प्राप्त हो गया तब तो समझो ……………..इनकी पौ बारह |

वैसे तो इन लोगों की शिकार अति महत्वकांक्षी और जल्द से जल्द सपने पूरे करने की चाह रखने वाली महिलाये ही ज्यादा बनती हैं | लेकिन ये अपना जाल तो सब पर ही डालते हैं, फंस गयी तो ठीक नहीं तो ……………………….और भी हैं ज़माने में तुम्हारे सिवा”

तो अब तो आप सब समझ ही गए होंगे मर्दों की इस प्रजाति के बारे में | अब सावधान हो जाइये ! इनकी टपकती हुई लारों से, इनके आँखों में छिपे काइयांपन से, इनके शब्दों में घुली सेकरिन से और इनकी जुबान में खिली सपनों की फसल काटने से, वरना ये मर्द तैयार बैठे है एक और शिवानी ,गीतिका ,मधुमिता ,भंवरी देवी बनाने के लिए |

होशियार ! खबरदार ! महिलारूपी हिरनियो  शिकारी शिकार पर निकल रहा है |

अर्चना चतुर्वेदी

Related posts

इस युग की कहानी – मार्डन सावित्री 

अर्चना चतुर्वेदी

Leave a Comment